
गाजीपुर। जिले के शहीद गांव शेरपुर कलां निवासी जमुना गिरि की याद में मंगलवार को डीएवी इंटर कॉलेज में मंगलवार को श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। आयोजन कमेटी के सदस्य चौधरी दिनेश चंद्र राय ने कहा कि महात्मा गांधी के “करो या मरो” के आह्वान पर शेरपुर कलां निवासी जमुना गिरी पुत्र स्व. सुदेश्वर गिरी ने 12 अगस्त 1942 को डीएवी इंटर कॉलेज से सहयोगी छात्रों संग आंदोलन की लौ जलाई थी। जब महात्मा गांधी की गिरफ्तारी हुई तो शहर के डीएवी एवं विक्टोरिया स्कूल (राजकीय सिटी इण्टर कालेज गाजीपुर) में पढ़ने वाले जमुना गिरी ने हड़ताल करा दिया और वे गिरफ्तार कर लिये गये। शाम को छूटने के बाद अगले दिन गाजीपुर घाट, निर्माणाधीन गौसपुर हवाई अड्डे को जला दिया, जिसमें उनको पांच वर्ष का कठोर कारावास हुआ। यमुना गिरी को हुई सजा के विरोध में शेरपुर कलां निवासी अन्य नौजवानों ने 18 अगस्त 1942 को तहसील मुख्यालय पर पहुंच कर तिरंगा लहराते हुए आजादी की घोषणा की। उसके बाद अंग्रेज सैनिकों ने तहसील मुख्यालय पहुंच कर गोलीबारी शुरू कर दी। जिसमें शिवपूजन राय के नेतृत्व में आए आठ नौजवान शहीद हो गए। शहीद गांव शेरपुर के निवासी उन्हें शिद्दत से याद करते हैं। आयोजन समिति के सदस्य राजेश राय बागी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि मुहम्मदाबाद तहसील के शेरपुर कलां निवासी अनेक नौजवानों ने अंग्रेजी हुकूमत के सामने लोहा लेने का काम किया था। जिन्हें अंग्रेजों ने जेल की सलाखों के पीछे भेजकर तमाम यातनाएं दी थी। 1942 में अहिंसा क्रांति की यह अनूठी एवं ऐतिहासिक घटना आज भी स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। इसके बाद अंग्रेजों ने शेरपुर में कई दिन तक दंडात्मक कार्रवाई की और गांव को लूटा था। इस मौके पर बृजेन्द्र राय, जयप्रकाश राय, शशिधर राय, विजय कुमार राय, अमित कुमार राय, शैलेन्द्र यादव, विद्यासागर गिरि, डॉ रमेश राय, मिथिलेश राय, संतोष जायसवाल, हेमनाथ राय, दिनेश शर्मा, डॉ संतोष तिवारी, दीनबंधु उपाध्याय, आनंद राय, रामजी गिरी, प्रमोद राय, ओमप्रकाश गिरी, मनोज राय, उमेश कुमार राय, सूर्यप्रकाश राय, डीएवी के प्रधानाचार्य हरिशंकर आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता राजन जायसवाल और संचालन चौधरी दिनेश चन्द्र राय ने किया।

Narad Vani The Critical Opinion