मनरेगा की कमजोरियों को दूर करेगा नया कानून

गाजीपुर । जनपद के प्रभारी मंत्री राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्टाम्प तथ न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग रवीन्द्र जायसवाल ने लोक निर्माण विभाग के अतिथि गृह में विकसित भारत-जी राम जी कार्यक्रम के जागरूकता हेतु प्रेसवार्ता की।
मंत्री ने बताया कि संसद द्वारा हाल ही में पारित ‘‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गांरटी मिशन ग्रामीणः वी बी-जी राम जी अधिनियम’’ देश के ग्रामीण परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। अब संशोधित नये स्वरूप में ग्राम पंचायतों में ग्रामीण विकास, आजीविका, सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और मजबूत होगा 
बताया कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण अधिनियम 2025  का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को केवल कल्याण योजना के रूप में नहीं बल्कि विकास से जुड़ी गारंटी के रूप में स्थापित करना है।ताकि यह विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप हो। उन्होने बताया कि यह अधिनियम ग्रामीण रोजगार को आधुनिक बनाने का लक्ष्य रखता है और मनरेगा की पुरानी कमजोरियों को दूर करने के लिए तकनीक पर आधारित पारदर्शिता, मजबूत जवाबदेही और स्थायी संसाधनों व दीर्घकालीन ग्रामीण उत्पादन पर विशेष ध्यान देने की व्यवस्था करता है।
बताया कि वी बी-जी राम जी योजना में ग्रामीण प्रत्येक परिवार को मिलने वाला निश्चित रोजगार 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन किया गया है, यानि 25 प्रतिशत की वृद्धि तथा खेतिहर कार्यों के लिए 60 दिन काम के लिए आरक्षित किये गये हैं। इस प्रकार 185 दिनों की काम की गारंटी देता है। जो एक कानूनी रूप से तय मानक अधिकार बन गया है।
उन्होने बताया कि अनुमन्य कार्यों की सूची में 260 से अधिक बिखरे हुए कार्यों को अब केवल चार मुख्य क्षेत्रों में बांटा गया है-जल सुरक्षा, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका सम्पत्ति और जलवायु संरक्षण।
इस योजना में किसानों के हितों की सुरक्षा की गयी है जिसमें फसल बोने और काटने के प्रमुख मौसमों (साल में 60 दिन अधिकतम) के दौरान अन्य वी बी-जी राम जी के कार्यों को कानूनी रूप से रोका जायेगा, ताकि बुआई, कटाई के लिए समस्या न हो जिससे रोजगार गारंटी को कृषि चक्र के अनुसार संतुलित किया जा सकेगा। जहां किसानों को सुरक्षा प्रदान की गयी है, वहीं यह मजदूरी 25 दिन अतिरिक्त पाने की गारंटी प्रदान करता है।
उन्होने बताया कि बेरोजगारी भत्ता अब एक स्पष्ट और समयबद्ध अधिकार के रूप में तय किया गया है यदि किसी ग्रामीण को काम की मांग के 15 दिनों के अन्दर रोजगार नही मिलता तो भत्ता दिया जायेगा, साथ ही इसके साथ जिम्मेदार अधिकारी की समय सीमा और देयता भी स्पष्ट रूप से निर्धारित की गयी है। जवाबदेही और निगरानी को मजबूत किया गया ए0आई आधारित धोखाधड़ी की पहचान जी पी एस/मोबाइल ट्रैकिंग, साप्ताहिक सार्वजनिक डेटा प्रकाशन, अनिवार्य 2 बार, सालाना सामाजिक आडिट, और लगातार निगरानी और सुधार सुनिश्चित करने के लिए केन्द्रीय एवं राज्य स्तर पर स्टेयरिंग कमेटियां गठित की गयी है। यह कार्यस्थलों की गरिमा, मजबूत गांव, टिकाऊ संसाधन और प्रभावी शासन के जरिये ग्रामीण आजीविका में ठोस परिणाम देने पर ध्यान केन्द्रित करना है। कहा कि पहले जहा भुगतान के लिए महीनों इंतजार करना पड़ता था। वहीं वी बी-जी राम जी के अन्तर्गत मांगे गये काम के 7 दिनों में यदि काम का भुगतान नहीं मिलता तो ब्याज सहित भुगतान किया जायेगा। बताया कि विकसित भारत-जी राम जी कानून पूरी तरह लागू होने पर आपको न केवल 125 दिनों का रोजगार मिलेगा, बल्कि अधिनियम के लागू होने पर नई बढ़ी हुई मजदूरी दरों का भी लाभ प्राप्त होगा ।
इस अवसर पर विधायक जखनियां बेदी राम, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद सरिता अग्रवाल, जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश राय व अन्य जनप्रतिनिधियों आदि उपस्थित रहे।

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