
गाजीपुर। सिविल बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव में अध्यक्ष राजेन्द्र विक्रम सिंह और महासचिव अंजनी कुमार ठाकुर उर्फ विकास चुने गए। सोमवार को मतदान और मतगणना के बाद परिणाम की घोषणा चुनाव अधिकारी सिंहासन सिंह ने की।905 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
अध्यक्ष पद पर चार उम्मीदवार थे। लेकिन मुकाबला एकतरफा रहा। राजेंद्र विक्रम सिंह ने 515 मत प्राप्त कर 318मतों के भारी अंतर से आनंद शंकर कुशवाहा को पराजित किया। आनंद कुशवाहा को 197, सुरेश चंद्र श्रीवास्तव को 111 तथा बाल मित्र केशरी को 79 मतों से संतोष करना पड़ा। अध्यक्ष पद पर तीन मत अवैध घोषित किया गया।
महासचिव पद पर जीत का अंतर112 मत का रहा। विजयश्री का वरण करने वाले अंजनी ठाकुर को 282 तथा निकटतम् उम्मीदवार रामविलास यादव को 170 मत मिले। मुन्ना लाल को 161, सौरभ पांडेय को 126,शादाब अहमद को 120 मत तथा एकमात्र महिला उम्मीदवार समता बिंद को मात्र 45 मत मिले।

छवि का प्रभाव
चुनाव परिणाम का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट दिखा कि मतदाताओं ने उम्मीदवार की छवि को विशेष महत्व दिया।राजेन्द्र विक्रम अपने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों की तुलना में अधिवक्ताओं के बीच बेहतर छवि रखते हैं। शांत,गंभीर, मुद्दों पर बेवाक राय और ईमानदार यह उनका व्यक्तित्व रहा है ऐसा अधिकांश अधिवक्ताओं का मानना है।उनके पिता स्व.वीके सिंह की याद भी वरिष्ठ अधिवक्ताओं के मस्तिष्क में थी। स्व.वीके सिंह न्यायिक अधिकारियों के भ्रष्टाचार के खिलाफ न केवल मुखर रहा करते थे बल्कि अनेक भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी अपने जीवन काल में कराया।अब देखना है कि राजेंद्र विक्रम का नेतृत्व सिविल बार एसोसिएशन और न्यायपालिका को किस दिशा में लेकर आगे बढ़ता हैं।
Narad Vani The Critical Opinion