
गाजीपुर।केंद्र सरकार द्वारा मजदूरों/कर्मचारियों के अधिकारों और कार्य सुलभ 44 श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं में बदलने और बीते 21 नवंबर को इसे लागू करने के मजदूर/कर्मचारी विरोधी निर्णय के विरोध में 26 नवंबर को तीसरे दिन यू पी एम एस आर ए की गाजीपुर ईकाई, अखिल भारतीय किसान सभा तथा citu के सदस्यों द्वारा सरजू पांडे पार्क में बांह पर काली पट्टी बांधकर धरना प्रदर्शन किया गया। अपनी असहमति जताते हुए इन चार श्रम संहिताओं के दुष्परिणामों पर गहन चर्चा कर केंद्र सरकार से इन संहिताओं को तत्काल वापस लेने की जोरदार मांग की गई। ए. के. जैन ने केंद्र सरकार की मजदूर/कर्मचारी विरोधी नीति और नियत पर सवाल उठाते हुए बताया की ये चार श्रम कोड कंपनी मालिकों को ठेका मजदूरी की खुली छूट के साथ बिना किसी कारण छंटनी और शोषण का अधिकार प्रदान करता है।जिसका तमाम ट्रेड संगठन लगातार तीन दिनों से विरोध कर रहे हैं। इसके अलावा अखिल भारतीय किसान सभा से योगेंद्र यादव ने किसानों एवं मजदूरों के विरूद्ध हो रहे तमाम प्रयासों की भर्त्सना की।उ. प्र. किसान सभा से ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा केंद्र सरकार की आलोचना की और धरने को अपना समर्थन दिया, किसान सभा के मारकंडेय ने धरना को अपना समर्थन दिया। यू पी एम. एस. आर. ए. के प्रदेश संयुक्त महामंत्री आर. एम. राय ने मजदूरों, कर्मचारियों के विरूद्ध बन रही नीतियों और अधिकारों पर लगातार हमले पर प्रकाश डाला।
तत्पश्चात अपनी मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से प्रधानमंत्री को प्रेषण हेतु दिया गया।
कार्यक्रम में इकाई के आर. एम. राय, ए.के. जैन, एस. के. राय, आशीष राय, शिवम गुप्ता, कृष्णा शर्मा, सुधीर राय, विकास वर्मा, विनित शर्मा, सर्वेश मिश्रा, अर्पित गुप्ता, सौरभ शर्मा, राकेश तिवारी, निकेत तिवारी, राकेश तिवारी, शुभम चौरसिया समेत अनेक साथियों में अपना विरोध दर्ज कराया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष चंदन राय और संचालन जिला सहमंत्री सुधीर राय ने किया।

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