
गाजीपुर। दिल्ली में हुए आतंकवादी विस्फोटक में मारे गए लोगों को अधिवक्ताओं ने कैण्डिल जला कर श्रध्दांजलि दी और आक्रोश व्यक्त किया।अधिवक्ताओं ने आक्रोश में लगाये पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे।
दिल्ली के लाल किले के पास 10 नवम्बर को हुए बम ब्लास्ट में मारे गये 12 निर्दोष लोगो के दोषी आतंकवादियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए उ.प्र. अधिवक्ता परिषद गाजीपुर के तत्वाधान मे कैण्डिल जलाकर विरोध प्रदर्शन बुधवार को सरयू पाण्डेय पार्क में किया । अधिवक्ताओं के साथ आमजन ने इस घटना की घोर निन्दा करते हुए मारे गये सभी लोगो के प्रति संवेदना प्रकट किया। इस जेहादी आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष सुधाकर राय ने बताया कि 10 नवम्बर को हुए जेहादी आतंकवाद की हम घोर निन्दा करते हैं। दिल्ली के लाल किले के पास हुए इस कार बम ब्लास्ट में मारे गये सभी लोगो की आत्मा की शान्ति के लिए प्रार्थना की। इस घटना के दोषी जेहादी डाक्टरों का हम विरोध करते हैं और इस आतंकवादी घटना को लेकर हम देशवासियों में एक आक्रोश पनप रहा है। इस बीच पाकिस्तान मुर्दाबाद व जेहादी डाक्टर मुर्दाबाद के नारे से पूरा परिसर गूंज उठा। राजकुमार सिंह ने बताया की समय रहते इन जेहादी डाक्टरों का इलाज नहीं किया गया तो ये हमारे लिए नासूर बन जायेंगे। ऐसे जेहादी डाक्टरों का विरोध कर इन्हे फांसी की सजा दिया जाना चाहिए और इसके जन्मदाता पाकिस्तान को सबक सिखाने की जरूरत है। जिला पंचायत सदस्य शैलेष राम ने बताया कि हम भारत देश के नागरिकों में इस घटना से सभी लोगो मे आक्रोश है। सभी देशवासियों का खून खौल उठा है।इस घटना के जिम्मेदार जेहादी डाक्टरों की फौज को जड़ से उखाड़ फेंकने का आह्वान किया। कृपाशंकर राय ने बताया कि हम देश के लोगो के साथ इस तरह की घटना पर सख्त कार्यवाही करते हुए न्यायालय से अनुरोध करते हैं कि इस घटना मे शामिल आतंकवादियों को शीघ्र फांसी देकर देश की जनता के साथ न्याय किया जाय। इस घटना में मारे गये देशवासियो के प्रति यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस कार्यक्रम में आये सभी नागरिकों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शान्ति की कामना की गयी। जिसमे मानू जी, कलेक्ट्रेट बार के पूर्व अध्यक्ष शंकर यादव, अधिवक्ता शशिज्योति पाण्डेय, रूद्रकुमार, राजेश श्रीवास्तव, अजय कुमार तिवारी, रामकुमार राय, गोपाल राय, आशुतोष उपाध्याय, सत्यप्रकाश यादव, रमेश बिन्द, रीना त्रिपाठी, अजय शांकर, अखिलेश सिंह, जयप्रकाश, मारूति राय, संदीप वर्मा, जामवंत राम, रामअवतार आदि अधिवक्ता उपस्थित रहे।
Narad Vani The Critical Opinion