
गाजीपुर ।जिला प्रशासन/जिला पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के तत्वाधान मे शुक्रवार को आडिटोरियम हॉल विकास भवन में काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव समापन कार्यक्रम धूम धाम से आयोजित हुआ । जिसमें मुख्य अतिथि विधायक जखनिया बेदी राम, विशिष्ट अतिथि अध्यक्ष नगर पालिका परिषद सरिता अग्रवाल सहित अन्य अतिथियों द्वारा कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी महोत्सव समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों का स्वागत सम्मान पुष्पगुच्छ अंगवस्त्रम् एवं स्मृति चिन्ह देकर किया गया। इस अवसर पर स्कूली छात्राओं एवं सांस्कृतिक विभाग के चयनित कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गयी जो सराहनीय रहा। कार्यक्रम से पूर्व विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा देश भक्ति नारों के साथ काकोरी ट्रेन एक्शन घटना के वीर क्रांतिकारियों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए बड़ी संख्या में शामिल होकर रैली को सफल बनाया। रैली के दौरान युवाओं ने देशभक्ति के नारे लगाए और रैली समाप्ति के उपरांत आडिटोरियम हाल में आयोजित समापन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी समापन कार्यक्रम के दौरान विधायक जखनियां बेदी राम ने जनपद के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी/शहीदों के आश्रितों को अंगव़स्त्रम् एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम से पूर्व काकोरी ट्रेन एक्शन कार्यक्रम का मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण एल ई डी के माध्यम से देखा व सुना गया।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा काकोरी ट्रेन एक्शन संबंधी प्रदर्शनी लगाई गई जिसमें काकोरी एक्शन का वास्तविक फोटो, काकोरी ट्रेन ऐक्शन से जुड़े तथ्यों एवं क्रांतिकारियों से जुड़ी जानकारी का अतिथियों एवं आगंतुकों ने अवलोकन किया। इस दौरान विद्यार्थियों को प्रदर्शनी के माध्यम से काकोरी ट्रेन एक्शन के विषय में विस्तार से बताया गया।
विधायक बेदी राम ने अपने सम्बोधन में काकोरी ट्रेन एक्शन में शहीदों का राष्ट्र के प्रति उनके त्याग को सर्वाेच्च बताया। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार की पहल पर काकोरी काण्ड का नाम बदलकर इसको काकोरी ट्रेन एक्शन की पहचान दी गई है और जन जन को जागरूक करने के उद्देश्य से इसको शताब्दी महोत्सव के रूप में प्रदेश भर में मनाया गया आज उसका समापन है। उन्होने कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए संसाधन जुटाने के प्रयास में काकोरी ट्रेन एक्शन हुआ जिसमें युवा क्रांतिकारियों ने अद्भुत साहस दिखाते हुए देश की आजादी के लिए धन इकट्ठा किया। युवाओं को इससे प्रेरणा लेते हुए क्रांतिकारियों के स्वप्न के देश को बनाने में सहभागी बनना चाहिए।
नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी समापन समारोह के दौरान कहा कि आज का दिन हमारे वीर शहीदों को समर्पित है । उन्होने कहा कि 09 अगस्त 1925 काकोरी ट्रेन एक्शन के दौरान वीर शहीदों ने जिस प्रकार अदम्य साहस का परिचय देते हमारे देश से अर्जित किया हुआ धन उस समय की ब्रिटिश सरकार द्वारा अपने देश ले जाया जा रहा था जिसे राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, चन्द्रशेखर आजाद, ठाकुर रोशन सिंह एवं क्रान्तिकारियों द्वारा वापस ले लिया गया जिसके परिणाम स्वरूप उन्हे फांसी की सजा सुनायी गयी।
उन्होने कहा कि जिन्होने हमें ये आजादी दी और आजादी के पश्चात निरन्तर देश की अखण्डता के लिए हमारे वीर सैनिक जो काम कर रहे उनके बलिदान को याद करते हुए आम जनमानस में यह भावना उत्पन्न हो कि हम भी देश के लिए कुछ करे, देश में अपना योगदान दें और बच्चो के लिए यह आवश्यक है कि वे अपने इतिहास के बारे में जाने कि वे अपने देश के लिए क्या कर सकते हैं। इस पर मंथन करें। उन्होने स्वदेशी वस्तुओं का ही अपने जीवन में उपयोग करने की बात कही।
मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य काकोरी ट्रेन ऐक्शन शताब्दी समारोह समापन कार्यक्रम मे उपस्थित मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, संभ्रान्त नागरिकों, छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। उन्होने भारत माता की आजादी के बलिदानियों को नमन करते हुए कहा कि 09अगस्त 1925 को काकोरी काण्ड की घटना अंग्रेजी हुकूमत के विरोध की एक महत्वपूर्ण घटना है जिससे देश की आजादी को एक नई दिशा मिली। उन्होने कहा कि हमारे क्रान्तिकारियों का बलिदान आज भी देश की हवा और मिट्टी में जिन्दा है वे सदैव हमारे प्रेरणाश्रोत रहेग। कार्यक्रम का संचालन जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र सरोज ने किया।
काकोरी ट्रेन एक्शन के बारे में विस्तृत जानकारी
काकोरी ट्रेन एक्शन, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और साहसिक घटना के रूप में दर्ज है। यह घटना 9 अगस्त 1925 को उत्तर प्रदेश के लखनऊ के पास काकोरी नामक स्थान पर घटित हुई थी। इस क्रांतिकारी कार्रवाई का नेतृत्व हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के सदस्यों ने किया, जिसमें प्रमुख रूप से राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, चंद्रशेखर आजाद और कई अन्य देशभक्त शामिल थे। इन स्वतंत्रता सेनानियों ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ संघर्ष के लिए धन जुटाने और अपनी क्रांतिकारी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से इस कार्रवाई को अंजाम दिया। घटना का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश सरकार के खजाने को लूटना था, जो उस समय एक ट्रेन से ले जाया जा रहा था। ट्रेन के रुकते ही क्रांतिकारियों ने साहस और कुशलता से कार्य करते हुए सरकारी धन को अपने कब्जे में ले लिया। इस घटना ने ब्रिटिश सरकार को हिला कर रख दिया और पूरे देश में हलचल मचा दी। हालांकि, इस साहसिक कार्यवाही के बाद ब्रिटिश सरकार ने कड़े कदम उठाए और क्रांतिकारी गतिविधियों में शामिल कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना के परिणामस्वरूप, राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, और ठाकुर रोशन सिंह को फांसी की सजा सुनाई गई। काकोरी ट्रेन एक्शन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक ऐसा अध्याय है जिसने आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित किया और स्वतंत्रता की लड़ाई को और अधिक उग्र और संगठित रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह घटना हमें याद दिलाती है कि स्वतंत्रता की प्राप्ति के लिए कितनी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी और इसके लिए कितनी बहादुरी और बलिदान की जरूरत थी।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सदर मनोज पाठक, क्षेत्राधिकारी सदर, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, स0जिला पर्यटन सूचना अधिकारी आर के मौर्या, जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार एंव अन्य जिला स्तरीय अधिकारी, स्कूल छात्र-छात्राएं, आमजन, प्रबुद्ध नागरिक आदि उपस्थित रहे।

Narad Vani The Critical Opinion