
गाजीपुर।साहित्य चेतना समाज के संस्थापक अमरनाथ तिवारी ‘अमर’ के स्वामी विवेकानन्द काॅलोनी स्थित आवास पर विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजनों की बैठक हुई।बैठक में भारत डायलॉग्स की ओर से आठ व नौ नवम्बर को आयोजित होने वाले ‘गाजीपुर लिटरेचर फेस्टिवल’ के आयोजन के सम्बन्ध में विचार-विमर्श कर उसे सफल बनाने के लिए मंत्रणा की गई।भारत डायलॉग्स के संस्थापकद्वय विवेक सत्य मित्रम् एवं पूजा प्रियंवदा ने आयोजन के उद्देश्य एवं उसके स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गाजीपुर साहित्यिक-सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण केन्द्र रहा है।गाजीपुर के गौरवशाली अतीत एवं वर्तमान को स्थापित कर इसे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पटल पर लाने का यह एक प्रयास है।फेस्टिवल में विद्वान वक्ताओं का संभाषण,एकल साक्षात्कार,पुस्तक विमोचन,गीत-संगीत व नृत्य,हेरिटेज वाॅक,कवि सम्मेलन-मुशायरा,पुस्तक प्रदर्शनी,लोक कला व हस्त शिल्प प्रदर्शनी,विभिन्न विषयों पर कार्यशाला,लोक संगीत आदि कार्यक्रम होंगे।बताया कि इस कार्यक्रम में देश-विदेश के सैकड़ों प्रतिष्ठित साहित्यकार,पत्रकार,कलाकार,इतिहासकार,अभिनेता,राजनेता,भाषाविद एवं सिनेमा जगत व लोक कला से जुड़ी हस्तियाँ भाग लेंगी।
बैठक में प्रमुख रूप से सत्यदेव ग्रुप ऑफ काॅलेजेज के मुख्य प्रबन्ध निदेशक डाॅ.आनन्द सिंह,सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मुक्तेश्वर श्रीवास्तव व कार्यकारी अध्यक्ष अम्बिका दूबे,कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष वीरेन्द्र चौबे,अखिल भारतीय केन्द्रीय विद्यालय शिक्षक संघ,वाराणसी संभाग के सचिव नीरज राय,स्वावलम्बी भारत अभियान के काशी प्रांत के संयोजक अजय आनन्द,अभिनय एकेडमी के निदेशक संजीव श्रीवास्तव,जनता जनार्दन इण्टर काॅलेज गांधीनगर के पूर्व प्रधानाचार्य डाॅ.दिनेश सिंह,शांति निकेतन इण्टर काॅलेज बरही के प्रधानाचार्य प्रकाश चन्द्र दूबे,बी.एस.डी.पब्लिक स्कूल रेवतीपुर के प्रबन्धक विपिन बिहारी राय,साहित्य चेतना समाज के संगठन सचिव प्रभाकर त्रिपाठी व राघवेन्द्र ओझा,केन्द्रीय विद्यालय के शिक्षक पंकज कुशवाहा आदि उपस्थित थे।धन्यवाद ज्ञापन अमरनाथ तिवारी अमर ने किया।
Narad Vani The Critical Opinion