
गाजीपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर योगी सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश में 5000 प्राथमिक विद्यालयों को बंद करने एवं विद्यालयों को मर्जर करने के निर्णय के खिलाफ समाजवादी शिक्षक सभा के जिलाध्यक्ष कमलेश यादव उर्फ भानू के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया। कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम से संबोधित ज्ञापन प्राथमिक विद्यालयों के मर्जर एवं बंद करने के निर्णय को वापस लेने की मांग को लेकर उपजिलाधिकारी चन्द्रशेखर यादव को सौंपा ।
इस अवसर जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने कहा कि भाजपा सरकार आने वाली पीढ़ी से शिक्षा का अधिकार छीनना चाहती है। इसलिए उसने जानबूझकर शिक्षा को महंगी करने और विद्यालयों को बंद करने की साज़िश रची है। गरीबों के सामने रोटी-रोजगार के अभाव के कारण बच्चों को पढ़ाना मुश्किल हो रहा है। पढ़ाई से वंचित बच्चों की संख्या लाखों में है। भाजपा सरकार की कारगुजारियों पर पर्दा पड़ा रहे, इसलिए उनके लिए शिक्षा का अंधकारमय होना जरूरी है। यह सरकार अनपढ़ समाज बनाना चाहती है। इस सरकार ने प्रदेश में लगभग पांच हजार प्राइमरी स्कूलों को बंद करने का अमानवीय और तुगलकी निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा आने वाली पीढ़ी से शिक्षा का अधिकार छीनना चाहती है।उसका एजेंडा सामाजिक न्याय के विरुद्ध है।
उन्होंने कहा कि भाजपा विकास और बच्चों की शिक्षा की विरोधी इसलिए है क्योंकि लोग शिक्षित और जागरूक होंगे तो उसकी नाकारात्मक और पीडीए विरोधी रीति नीति से सभी लोग परिचित हो जाएंगे। भाजपा की नफरती और अलगाववादी सोच से सावधान रहने की जरूरत है।
इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से पूर्व जिलाध्यक्ष रामधारी यादव, अरूण कुमार श्रीवास्तव, कन्हैयालाल विश्वकर्मा,राम नगीना यादव , अमित ठाकुर,ओमप्रकाश यादव, डॉ सीमा यादव,विभा पाल, कंचन रावत,पंकज यादव,उमाशंकर यादव, अशोक चौहान, अभिषेक यादव, कृष्णानंद यादव, राम विजय यादव,संजय यादव,चन्द्रिका यादव आदि शामिल थे।

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