
गाजीपुर। UPMSRA गाजीपुर ईकाई का 32 वां वार्षिक सम्मेलन यदुवंशी हरिनाथ पैलेस मिठ्ठनपारा में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरूवात संगठन के झंडे को फहराने के साथ शहीदों एवं मृत आत्माओं को श्रद्धासुमन अर्पित करके हुई। उद्घाटन भाषण अजीत सिंह (ज्वां-से० UPMSRA) ने राज्य पर्यवेक्षक के रूप में देते हुए संगठन की मजबूती एवं एकता पर बल दिया तथा वर्तमान में कंपनी मालिकान और सरकार के सोठगांठ से हर रोज दवा प्रतिनिधियों के शोषण की हर कोशिश पर प्रकाश डाला व नई दुश्वारियों को साथियों के बीच रखते हुए सभी से एकजुट होकर इन सारी शोषण की कोशिशों का पुरजोर विरोध करते हुए सामू अरविंद कार्य का आग्रह किया। NIMA से डा. अरविंद सिंह ने सम्मेलन की सफलता की शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में बैंक कर्मचारी एसोसिएशन के साथी संतोष यादव ने सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों की जमकर भर्त्सना की। किसान सभा के मारकंडेय प्रसाद ने भी अपनी बात साथियों के बीच रखते हुए किसान विरोधी नितियों पर अपने विचार प्रस्तुत किए एवं मजदूर किसान एकता पर बल दिया। कार्यक्रम में डा. राजेश सिंह HMAI ने संगठन की जरूरतों एवं उसकी मजबूती को इंगित करते हुए सम्मेलन के सफलता की शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में राज्य सचिव साथी रघुवंश उपाध्याय राज्य पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित रहे उन्होंने दवा प्रतिनिधियों को वर्तमान समय में मिल रहे तमाम संघर्षो पर प्रकाश डालते हुए आगामी 1 जुलाई को होने वाली आखिल भारतीय हड़ताल को सफल बनाने की अपिल की।
GCDA की ओर से कार्यक्रम में संगठन के अध्यय नागमणी मिश्रा सचिव बृजेश पांडेय और सह सचिव राकेश त्रिपाठी ने केमिस्ट और दवा प्रतिनिधियों के आपसी सामंजस्य एवं संबंधो की जमकर तारीफ करते हुए इकाई के वार्षिक सम्मेलन को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दी । गाजीपुर के वरिष्ठ एवं सम्मानित चिकित्सक डा. एके मिश्रा (संरक्षक ज्वाईंट मेडिकल फोरम) ने दवा प्रतिनिधियों के संघर्षों को सलाम करते हुए सम्मेलन को अपनी शुभकामनाएं दीं। राज्य कार्यकारिणी सदस्य साथी मो. अफजल ने सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों की जमकर भर्त्सना की और साथियों से एकजुट होकर लड़ने और विरोध करने की अपील की। राज्य सचिव साथी आर. एम राय ने संगठन की उपयोगिता एवं कुशल संचालन पर अपने विचार रखते हुए दवा प्रतिनिधियों को मजदूर विरोधी नीतियों का खुला विरोध करने का आह्वान किया एवं एकजुटता पर बल दिया और SPE ACT को बचाने की हर कोशिश को सफल बनाने एवं सरकार द्वारा 44 श्रम कानूनों के बदले लाए गए चार लेबर कोड को वापस लेने की लड़ाई में साथ आने का आह्वान किया।
वार्षिक कार्यकलापों का विवरण सचिव रिपोर्ट के रूप में जिला मंत्री मयंक श्रीवास्तव ने साथियों के बीच रखकर उस पर आम सहमति ली। ईकाई कोषाध्यक्ष साथी हरिशंकर गुप्ता ने वार्षिक खर्चों का लेखा जोखा साथियों के बीच रखा जिसका अनुमोदन साथियों द्वारा किया गया।
उसके बाद साथियों द्वारा नई कार्यकारिणी का गठन हुआ जिसमें इकाई का अध्यक्ष चंदन राय, मंत्री मयंक श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष हरिशंकर गुप्ता उपाध्यक्ष पद पर शिवम गुप्ता एवं निकेत तिवारी, सहमंत्री विकास वर्मा एवं सुधीर राय और कार्यकारिणी सदस्य के रूप में संजय विश्वकर्मा, अमित श्रीवास्तव, अरुण राय,मोहित गुप्ता, रईस आलम, प्रेस चंद्र, आरपीएस यादव, संजय यादव को चुना गया।
कार्यक्रम में ईकाई के एम.पी राय, एम.पी सिंह, फहीम मोहसिनी, एस. के राय, ज्योतिभूषण, रविकांत तिवारी, अनिल यादव, अरूण सहाय, बी. के श्रीवास्तव, मनीष श्रीवास्तव, संतोष गुप्ता, हिम्मत राय, संजय कुशवाहा, विनोद शर्मा, प्रमोद कुमार सहित सैकड़ों साथी उपस्थित रहे।
सम्मेलन की अध्यक्षता चंदन राय और संचालन मयंक श्रीवास्तव ने किया।
Narad Vani The Critical Opinion