
गाजीपुर।वाराणसी पुलिस द्वारा एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी एवं कार्यकर्ताओं के साथ किए गए दुर्व्यवहार और बर्बर दमन के विरोध में बुधवार को कांग्रेस नेताओं का आक्रोश फूट पड़ा। जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर कांग्रेस ने दोषी पुलिस अधिकारियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के इशारे पर पुलिस विपक्ष की आवाज को कुचलने का औज़ार बन चुकी है और प्रदेश में लोकतंत्र को योजनाबद्ध तरीके से रौंदा जा रहा है।
जिला अध्यक्ष सुनील राम ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन भाजपा सरकार इस अधिकार को पुलिस के बल पर समाप्त करना चाहती है। गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहे कार्यकर्ताओं पर लाठी चलवाना तानाशाही मानसिकता का प्रमाण है। कांग्रेस इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी।
शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में पुलिस जनता की रक्षक नहीं, बल्कि भाजपा की राजनीतिक ढाल बन चुकी है। वरुण चौधरी के साथ हुआ दुर्व्यवहार यह साबित करता है कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। भाजपा सरकार लोकतंत्र को पुलिस स्टेट में बदलना चाहती है। शांतिपूर्ण आंदोलन को कुचलना संविधान का खुला अपमान है। दोषी अधिकारियों को तत्काल निलंबित नहीं किया गया तो कांग्रेस सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।
रविकांत राय (AICC सदस्य) ने कहा कि वोट चोरी, भ्रष्टाचार और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ उठने वाली हर आवाज को लाठी के दम पर दबाया जा रहा है। यह सरकार सत्ता के नशे में लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचल रही है। राज्यपाल को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी एवं कार्यकर्ता वाराणसी में ‘वोट चोरी’ सहित अन्य गंभीर जनहित के मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे। आरोप है कि वाराणसी पुलिस ने सरकार के दबाव में आकर उनके साथ अभद्रता, बल प्रयोग और दमनात्मक कार्रवाई की।
कांग्रेस ने इस घटना को लोकतंत्र पर सीधा हमला बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा और भाजपा सरकार की तानाशाही प्रवृत्ति को जनता के सामने बेनकाब किया जाएगा।

विरोध प्रदर्शन करने वालों में प्रमुख रूप से जनक कुशवाहा, अजय कुमार श्रीवास्तव, चंद्रिका सिंह, हामिद अली, अरविंद कुमार मिश्रा, राजीव सिंह, ज्ञान प्रकाश सिंह, आशुतोष गुप्ता, इनरमल यादव, कमलेश्वर प्रसाद, ओम प्रकाश यादव ,रईस अहमद, महेंद्र कुशवाहा ,अमित कुमार राय ,देवेंद्र कुमार सिंह, राघवेंद्र चतुर्वेदी, श्याम नारायण कुशवाहा, उमेश चंद्र गुप्ता, संजय कुमार गुप्ता ,ओमप्रकाश, राजेश सिंह, लखन श्रीवास्तव, सदानंद गुप्ता, मोहम्मद अख्तर, शक्ति आनंद, परवेज ,इस्लाम मास्टर आदि प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
Narad Vani The Critical Opinion