
गाजीपुर। राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के अध्ययनरत चिकित्सा छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर मेडिकल कॉलेज का नाम देश व प्रदेश में रोशन किया है।
मेडिकल कॉलेज के बहुमुखी प्रतिभा के धनी प्राचार्य, लेखक व प्रखर वक्ता प्रो डॉ राजेंद्र राजपूत के निर्देशन में बी एच एम एस चतुर्थ वर्ष के छात्रों ने आई.आई.टी, शिलांग में इण्डियन साइंस कांग्रेस में पोस्टर प्रजेंटेशन और पेपर प्रजेंटेशन में अखिल भारतीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त कर प्रदेश और जिले का नाम रोशन किया है।
वहीं इसी मेडिकल कॉलेज की द्वितीय वर्ष की छात्रा अवर्तिका श्रीवास्तव ने लखनऊ विश्वविद्यालय में उत्तर प्रदेश राज्य सरकार के युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2025-26’ के अंतर्गत ‘विकसित भारत चैलेंज’ राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त कर अपनी योग्यता का परिचय दिया। अवर्तिका ने “भारत की सॉफ्ट पावर: सांस्कृतिक कूटनीति और विकसित भारत के लिए वैश्विक प्रभाव” विषय पर अपने विचार व्यक्त कर यह मुकाम हासिल किया है।
अवर्तिका श्रीवास्तव की यात्रा यहीं रुकी नहीं है बल्कि अब उन्हें नई दिल्ली में अखिल भारतीय स्तर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के समक्ष भारत मंडपम में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है। वहीं अवर्तिका श्रीवास्तव की ही तरह युवा संसद कार्यक्रम में श्रेया सिंह ने भी इस मुकाम तक पहुंचकर कॉलेज को गौरवान्वित किया है।
बताते चलें कि महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो डॉ राजेंद्र राजपूत के कार्यकाल में न सिर्फ शैक्षणिक बल्कि शोध नवाचार, रोगों के प्रति संचार कौशल, सामाजिक रोग निवारण जागरूकता, विकलांगता जागरूकता कार्यशाला, स्कूली छात्राओं हेतु सुपोषण कार्यशाला, वर्क प्लेस वेल बीइंग हेतु योगाभ्यास आदि अभिनव कार्यक्रम विकसित किए गए हैं जिसका प्रत्यक्ष लाभ जनपदवासियों को मिल रहा है। उनके पर्यवेक्षण में निःशुल्क चिकित्सा शिविर तथा योगाभ्यास कार्यक्रमों का आयोजन जिला कारागार एवं पुलिस लाइन में किया जा रहा है। प्राचार्य के संरक्षण में महाविद्यालय के अस्पताल में फिजियो थेरेपी, योग और पोषण विशेषज्ञ की सेवाएं उपलब्ध हैं।
छात्रों के विशिष्ठ प्रदर्शन पर कॉलेज के प्रो डॉ सुबोध त्रिपाठी, प्रो डी पी सिंह, प्रो डॉ सेंगर, डॉ प्रणेश, डॉ श्रीवास्तव, डॉ अवधेश और समस्त कर्मचारियों ने शुभकामनाएं देते हुए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की कामना की है।

Narad Vani The Critical Opinion