
सादात। बहरियाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम आसपुर में गुरुवार की सुबह पंपिंगसेट की मरम्मत करने के लिए कुएं में उतरे हरिकेश कुमार (40) की जहरीली गैस के कारण दम घुटने से मौत हो गई। उसको बचाने के लिए कुएं में उतरे चार अन्य लोग बाल-बाल बच गए। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस दो घंटे तक अथक प्रयास के बाद बांस और रस्सी के सहारे किसी तरह हरिकेश को बाहर निकाली। उसे लेकर पुलिस प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मिर्जापुर गई, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

बताया जाता है कि मृतक हरिकेश घर पर ही रहकर खेती-बारी तथा मजदूरी का काम करता था। वह गुरुवार को बहरियाबाद बाजार से लौटा और बगैर किसी को बताए पंपिंगसेट का टुल्लू मरम्मत करने के लिए लगभग 20-22 फिट गहरे कुंए में उतर गया। लगभग आधे घंटे बाद पत्नी चन्दा देवी की नजर कुएं की मुडेर पर रखे चप्पल पर पड़ी तो आशंका वश उसने कुएं में झांककर देखा तो उसका पति अचेत पड़ा था। उसके शोर मचाने पर ग्रामवासी एकत्रित हो गए। आनन-फानन में दिनेश कुमार, आकाश चंदन नीचे कुंए में कुछ दूर उतरे तो उनका भी दम घुटने लगा, जिससे वह फौरन बाहर आ गए। सूचना पर ध्वजारोहण कर विद्यालय से मौके पर पहुंचे बड़े भाई हरिवंश भी कुएं में उतरे और जब दम घुटने लगा तो वह भी बाहर आ गए। इससे पूर्व गांव वालों ने पहले कुएं के ऊपर लगा छप्पर हटाया, पानी का छिड़काव भी किया। सफलता न मिलने पर बांस के सहारे रस्सी फंदा बनाकर कुएं में डालकर किसी तरह हरिकेश को बाहर निकाला गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मिर्जापुर ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ईधर मौत की सूचना मिलते ही पत्नी व परिवार के अन्य लोग दहाड़े मार रोने लगे।

मृतक के पुत्र पीयूष (12) व पुत्री शिवानी (18) शालिनी (16) हैं, जो अपने पिता की मौत के बाद बेसहारा हो गये हैं। थानाध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, रिपोर्ट आने पर मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।
Narad Vani The Critical Opinion