गाजीपुर। आधुनिक भारत के निर्माता और देश में कंप्यूटर क्रांति के जनक देश के सबसे युवा पूर्व प्रधानमंत्री रहे स्वर्गीय राजीव गांधी की 33 वीं पुण्यतिथि पर शहर कांग्रेस पार्टी कार्यालय पर शहादत दिवस मनाया गया। जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं द्वारा देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर गोष्ठी की गई। जिलाध्यक्ष सुनील राम की अध्यक्षता में उनको श्रद्धांजलि देते हुए आधुनिक भारत में उनके योगदान पर चर्चा करते हुए याद किया गया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष ने कहा कि देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी जी ने देश के लिए अपनी जान न्योछावर कर दिया था। 31 अक्टूबर 1984 को अपनी मां की क्रूर हत्या के बाद वे कांग्रेस अध्यक्ष एवं देश के प्रधानमंत्री बने थे। लेकिन व्यक्तिगत रूप से इतने दु:खी होने के बावजूद उन्होंने संतुलन, मर्यादा एवं संयम के साथ राष्ट्रीय जिम्मेदारी का निर्वहन किया।
गाजीपुर लोकसभा प्रभारी प्रज्ञानंद दुर्गेडकर ने कहा राजीव गांधी की मौत तमिलनाडु में प्रचार के दौरान 1991 में एक बम विस्फोट में हुई थी। 32 साल पहले 21 मई को तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में उनकी हत्या की गई थी। आतंकी संगठन लिट्टे की एक महिला ने राजीव गांधी की हत्या की थी। राजीव गांधी की जब हत्या हुई, तब उनकी उम्र 46 साल थी। शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा ने कहा कि देश में कंप्यूटर क्रांति के जनक और भारत को एक विकसित देश बनाने का संकल्प लेकर आधुनिक भारत के निर्माण में अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वर्गीय प्रधानमंत्री को बार बार नमन है। इस अवसर पर एआईसीसी सदस्य रविकांत राय ने कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी के सपने को पूरा करने का समय आ गया है, राष्ट्र विरोधी सांप्रदायिक ताकतों को इस बार लोकसभा चुनाव में बुरी तरह से हराकर इंडिया ब्लॉक की सरकार का गठन करते हुए देश को स्वर्गीय प्रधानमंत्री की सोच वाला विकसित भारत बनाना है।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से पीसीसी सदस्य डॉ मारर्कंडेय सिंह, सदस्य जनक कुशवाहा, ज्ञान प्रकाश सिंह, अजय कुमार श्रीवास्तव ,आशुतोष गुप्ता ,सुमन चौबे, राजेश गुप्ता, आलोक यादव, दिव्यांशु पांडे ,सुधांशु तिवारी, शशांक उपाध्याय, सदानंद गुप्ता ,शबीहूल हसन, ओम प्रकाश पांडे ,अखिलेश कुमार यादव, अमित कुमार वर्मा, हामिद सिद्दीकी ,प्रवीण कुमार दुबे, सुल्तान अली, मिंटू खान, राकेश पांडे ,आदिल अख्तर, फैजान कमर आदि लोग उपस्थित रहे।
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