गाजीपुर। जिला और शहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के सामने गांधीवादी तरीके से धरना प्रदर्शन कर नारे बाजी किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष सुनील राम ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में भाजपा की चुनावी बांड योजना को असंवैधानिक मानते हुए उस पर रोक लगा दी है। अदालत ने राजनीतिक दलों को इस योजना के तहत प्राप्त दान का खुलासा करने का निर्देश दिया। साथ ही भारतीय स्टेट बैंक को चुनावी चंदे की पूरी जानकारी 6 मार्च से पहले सार्वजनिक कर निर्वाचन आयोग को सौंपने का निर्देश दिया था, बावजूद इसके एसबीआई द्वारा इसका पालन अभी तक नहीं किया गया है। वहीं शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा ने एसबीआई पर सरकार के दबाव में काम करने का आरोप लगाया है और कहा है कि सरकारी और गैर सरकारी संस्थाएं आज मोदी सरकार के दबाव में कार्य कर रही हैं चुनाव में काले धन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के निर्णायक कदम के तौर पर इस फैसले का पूरे देश में व्यापक स्वागत हुआ है चुनावी चंदा की पूरी जानकारी 6 मार्च तक सार्वजनिक करने के निर्देश के बाद चुनिंदा कॉर्पोरेट्स के साथ अपने संबंधों के संभावित जोखिम को लेकर चिंतित मोदी सरकार ने भारतीय स्टेट बैंक पर जानकारी साझा न करने का दबाव डाला है ,जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
प्रवक्ता अजय श्रीवास्तव ने बताया कि काले धन पर सबको ज्ञान देने वाली भाजपा आज खुद अपने काले धन को उजागर करने से डर रही है। एसबीआई द्वारा समय विस्तार के लिए 30 जून तक 5 महीने के लिए समय मांगा जा रहा , जबकि सुप्रीम कोर्ट ने 6 मार्च तक का ही समय दिया है, जबकि आज सारी बैंकिंग व्यवस्था कंप्यूटराइज्ड है। ऐसे में समय अवधि बढ़ाने की मांग संदिग्ध है।
डॉ जनक कुशवाहा ने कहा कि चुनावी बांड योजना भाजपा सरकार द्वारा 2017 में शुरुआत के बाद से राजनीतिक दलों को सामूहिक रूप से 12000 करोड़ रुपए से अधिक चंदा प्राप्त हुए ,जिसमें से अकेले भाजपा को 6566.11 करोड़ रुपए प्राप्त हुए जो सभी चुनावी चंदा का 55% है, भाजपा अपने दानदाताओं के बारे में जानकारी सार्वजनिक होने से डर रही है। एसबीआई पर दबाव बनाकर 5 महीने का समय मांगा जा रहा है जो कि भाजपा द्वारा वित्तीय अनियमिताओं को और काले धन के स्रोत को छुपाने के लिए ही है।आज इसी लिए हम लोग एसबीआई की मुख्य शाखा के सामने अपना विरोध प्रकट किए हैं। इस अवसर पर प्रमुख रूप से ज्ञान प्रकाश सिंह मुन्ना, अजय कुमार श्रीवास्तव, महबूब निशा, बटुक नारायण मिश्रा, चंद्रिका सिंह, हामिद अली, राम नगीना पांडे, सतीश उपाध्याय, इस्लाम मास्टर, दिव्यांशु पांडे ,धर्मेंद्र, मिलिंद सिंह, कुंदन खरवार, आलोक यादव ,माधव कृष्ण, अनुराग पांडे, सोनू सिंह यादव, उमेश चंद्र, अखिलेश यादव, देवेंद्र कुमार सिंह, आशुतोष सिन्हा , जय विजय,ईनर्मल यादव,राहुल कुशवाहा ,संजय गुप्ता, मनोज कुमार, शंभू सिंह कुशवाहा ,विनोद सिंह, शशि भूषण राय, ओमप्रकाश पांडे , रविकांत मौर्य, मोहम्मद शमीम आदि लोग उपस्थित रहे।
Narad Vani The Critical Opinion