मुहम्मदाबाद (गाजीपुर) : यूसुफपुर सहकारी क्रय विक्रय समिति के प्रांगण में रविवार को आयोजित श्रद्धांजलि सभा में तहसील के शासकीय अधिवक्ता व सहकारी नेता स्व० विश्वम्भर दुबे की प्रथम पुण्यतिथि पर उपस्थित लोगों ने उनके चित्र पर पुष्पार्चन कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित किया।
उ०प्र० सरकार के पूर्व मंत्री आनन्द स्वरूप शुक्ला ने कहा कि पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी बाजपेयी कहा करते थे कि मनुष्य की पहचान उसके सिंहासन या उसके धन संपदा से नहीं होती है बल्कि उसके मन से होती है। मन का विचार ही है जो समाज के लोगो के लिए प्रेरणास्रोत होता है। स्वर्गीय दुबेजी भी इसी विचार के थे। उन्होंने व्यवहार के आगे धन को महत्व नहीं दिया। हमारी संस्कृति कहती है कि मनुष्य शरीर छोड़ता है लेकिन उसकी आत्मा नहीं मरती है। जैसे ऊर्जा को नष्ट नहीं होती वैसे ही आत्मा अविनाशी है। यह देश ऋषि परंपरा का है जहाँ उच्च विचार और नैतिक मूल्यों का आदर किया जाता है। यहां दानव को मानव और मानव को देवता बनने का अवसर प्राप्त होता है।भारत में पितरों की पूजा होती है क्योंकि उनके नैतिक मूल्यों और विचारों को आगे बढ़ा सके।आज हम लोग स्व०विश्वम्भर दुबे जैसी महान शख्सियत के विचारों को समाज में प्रसारित कर सकें यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इफको निदेशक सहकारी नेता विजय शंकर राय ने कहा कि मैं दुबे जी को बचपन से जानता था। वे सभी को साथ लेकर चलते थे और सभी दल एवं वर्ग में लोकप्रिय थे। वह सभी का बिना भेदभाव सहायता करते थे। इस मौके पर श्रद्धांजलि अर्पित करने वालो मे वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेन्द्र राय,डा.अविनाश प्रधान,दिनेश वर्मा,प्रमोद राय,शंभू सिंह अकेला, जिला पंचायत सदस्य फेकू सिंह यादव,अनिल कुमार राय,नरसिंह यादव,महेश कुशवाहा,डा०अशोक तिवारी,शशांक राय,कृष्णानंद राय, डीसीबी निदेशक रविन्द्र नाथ राय,कृपाशंकर राय,ओमप्रकाश उपाध्याय, रविकांत उपाध्याय,डा० ओमप्रकाश गिरी,जितेन्द्र राय,रामजी गिरी,राजेन्द्र यादव,अजय पांडेय,विनोद राय,कृष्णाकांत राय आदि लोग प्रमुख थे। आरम्भ में आगन्तुकों का स्वागत नारायण तिवारी व यूसुफपुर सहकारी क्रय विक्रय समिति के अध्यक्ष आनन्द कुमार त्रिपाठी ने आभार प्रकट किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता प्यारे लाल अग्रवाल एवं संचालन राज किशोर अग्रवाल ने किया।
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